Wednesday, 22 January 2020

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने सीएए के पांच आलोचकों के साथ खुली बहस करने के सुझाव को स्वीकार क्यों नहीं किया. चिदंबरम


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने सीएए के पांच आलोचकों के साथ खुली बहस करने के सुझाव को स्वीकार क्यों नहीं किया. चिदंबरम

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने सीएए के पांच आलोचकों के साथ खुली बहस करने के सुझाव को स्वीकार क्यों नहीं किया.

narendra modi

नई दिल्ली
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने सीएए के पांच आलोचकों के साथ खुली बहस करने के सुझाव को स्वीकार क्यों नहीं किया. चिदंबरम ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने सुझाव दिया था कि प्रधानमंत्री को पांच सबसे मुखर आलोचकों का चयन करना चाहिए और उनके साथ सवाल जवाब करने चाहिए. प्रधानमंत्री या सरकार सुझाव स्वीकार क्यों नहीं करते?''उन्होंने कहा, ‘‘सीएए-एनपीआर के पांच आलोचक प्रधानमंत्री से बहस कर लें. इसका सीधा प्रसारण किया जाए. उसके बाद लोगों को उनके निष्कर्ष निकालने दीजिए.''
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून  का देशभर में विरोध हो रहा है. कई राज्यों में छात्र विपक्षी दलों के नेता इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं. मोदी सरकार इस कानून को वापस लेने से साफ इंकार कर चुकी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि सरकार किसी भी सूरत में इस कानून को वापस नहीं लेगी. गृह मंत्री ने इस बिल पर बहस के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती भी दे डाली थी. बहस के मुद्दे पर पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम  ने अमित शाह को जवाब दिया था.

Monday, 20 January 2020

Delhi Assembly Election 2020 दिल्ली चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी BJP को बड़ा झटका CAA विवाद की वजह से अब अकाली दल ने किया यह ऐलान...

BJP


नई दिल्ली 
दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी BJP को बड़ा झटका लगा है. (BJP) की सहयोगी अकाली दल ने नागरिकता कानून को लेकर आपसी मतभेद की वजह दिल्ली चुनाव न लड़ने का फैसला किया है. बीजेपी चाहती थी कि अकाली दल का उम्मीदवार उनके चुनाव चिन्ह से दिल्ली चुनाव में चुनाव लड़ें. (BJP) और अकाली दल ने पहले दिल्ली में चार सीटों पर साथ लड़ने का फैसला किया था. इनमें रजौरी गार्डन, हरी नगर, शहादरा और कालकाजी जैसी सीटें शामिल थीं. दिल्ली चुनाव न लड़ने को लेकर प्रकाश सिंह बादल के करीबी एक अकाली नेता ने बताया कि हमनें बीजेपी का अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता कानून को पास कराने के समय में बीजेपी का साथ दिया था लेकिन अब बीजेपी गठबंधन का धर्म नहीं निभा रही है. 

जेएनयू में घमासान - स्टींग वाले लड़के से होगी पूछताछ ।

जेएनयू में घमासान - स्टींग वाले लड़के से होगी पूछताछ ।


जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हुई हिंसा के बाद एक चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया छात्र अक्षत अवस्थी शनिवार (18 जनवरी) को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुआ। एसआईटी ने अक्षत समेत तीन छात्रों के बयान दर्ज किए। वहीं, एसआईटी ने दो अन्य की पहचान कर उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया है। इनमें जेएनयू हिंसा में वायरल हुई तस्वीर में दिख रही चेक शर्ट वाली लड़की भी शामिल है।

अबतक 13 से पूछताछ हुई।
जांच में जुटी क्राइम ब्रांच अबतक 13 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इन सभी से पेरियार हॉस्टल में हुई मारपीट की घटना के बाद नकाबपोशों की भीड़ के साबरमती हॉस्टल में पहुंचने के बारे में जानकारी हासिल की गई। इन दोनों से पूछा गया कि आप लोग क्या हमलावरों को पहचानते हैं? उन लोगों ने यह हमला क्यों किया, जैसे सवालों के जवाब पूछे गए।

छात्रा ने किया है इनकार ।
क्राइम ब्रांच सूत्रों की मानें तो जिन तीन छात्रों अक्षत अवस्थी, रोहित शाह और चेक शर्ट वाली लड़की की स्टिंग के जरिये पहचान हुई है, उनमें से रोहित और छात्रा अभी पुलिस जांच में शामिल नहीं हुए हैं। पहले तो तीन-चार दिनों तक उनके मोबाइल फोन बंद आए थे। बाद में छात्रा ने महिला आयोग व दिल्ली पुलिस को चिट्ठी लिखकर खुद को चेक शर्ट वाली लड़की होने से इनकार किया । हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी कि उसकी भूमिका क्या थी। वह मौके पर मौजूद थी या नहीं।

आज तीन युवको से पूछताछ।
मामले की जांच कर रही एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सोमवार (20 जनवरी) को फिर से अक्षत के साथ ही योगेंद्र भारद्वाज और विकास पटेल से पूछताछ होगी। इन तीनों ही को सोमवार को बुलाया गया है। इस बार पूछताछ के साथ ही इनसे अन्य आरोपियों की भी पहचान कराई जाएगी। इसके लिए पुलिस ने वीडियो और तस्वीरों में मौजूद प्रदर्शनकारियों की अलग क्लीपिंग तैयार की है।

योगेंद्र है ग्रुप एडमिन
आरोप है कि योगेंद्र भारद्वाज ग्रुप एडमिन है और उसने ही लोगों को बुलाया था। वहीं अक्षत पर आरोप है कि उसने ग्रुप बनने के बाद अपने कुछ साथियों को बुलाया था। हालांकि पुलिस का कहना है कि इन पहलुओं की जांच की जा रही है कि आखिरकार घटनाक्रम में किन-किन लोगों का हाथ था और किसकी क्या भूमिका थी।

अबतक क्या-क्या हुआ
जेएनयू हिंसा मामले में छात्र, सुरक्षा गार्ड समेत कुल 37 लोग घायल हुए थे, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था हिंसा को लेकर पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से दो जेएनयू प्रशासन की तरफ से आई शिकायतों के आधार पर, जबकि एक मामला पुलिस ने स्वतरू संज्ञान लेते हुए दर्ज किया।

एबीवीपी और वाम दलों के छात्र संगठनों व जेएनयू की तरफ से कुल 11 शिकायतों की पुलिस जांच कर रही है।

हिंसा को लेकर पुलिस ने पेरियार हॉस्टल के समीप स्थित बैंक सहित आसपास के सीसीटीवी और वायरल वीडियो सहित 25 फुटेज की जांच की।

पुलिस ने 80 लोगों के सीडीआर निकाले हैं, जिसके आधार पर 59 लोगों की पहचान हुई है। दो संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप की भी पहचान की है।



Sunday, 19 January 2020

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हादसे में शबाना आजमी गंभीर रूप से घायल, जावेद अख्तर बाल-बाल बचे।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हादसे में शबाना आजमी गंभीर रूप से घायल, जावेद अख्तर बाल-बाल बचे।

मुंबई से 60 किमी दूर खालापुर टोल नाके पर हुआ हादसा, शबाना का ड्राइवर भी घायल हादसे में जावेद अख्तर को चोट नहीं आई, उन्होंने कहा- शबाना को दुआओं की जरूरत है।


मुंबई.’ अभिनेत्री शबाना आजमी (69) शनिवार को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गईं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर उनकी कार एक ट्रक से टकरा गई। शबाना के सिर और हाथ में चोट आई है। जावेद अख्तर भी कार में उनके माजूद थे, उन्हें कोई चोट नहीं आई है। शबाना को नवी मुंबई के एमजीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

रायगढ़ के एसपी अनिल पारास्कर के मुताबिक, हादसा मुंबई से करीब 60 किलोमीटर दूर दोपहर साढ़े 3 बजे खालापुर टोल नाके पर हुआ। शबाना आजमी और जावेद अख्तर पुणे से मुंबई लौट रहे थे।

जावेद ने अपने प्रषसको से दुआओं के लिए कहा।
जावेद अख्तर ने कहा कि शबाना को ट्रामा वार्ड में शिफ्ट किया गया है। वे गंभीर रूप से जख्मी हैं और आपकी दुआओं की जरूरत है। यह बातचीत करने का वक्त नहीं है कि हादसे में किसकी गलती थी। ड्राइवर भी बयान देने की स्थिति में नहीं है।

शबाना का फिल्मी और सामाजिक सफर
शबाना ने 1973 में श्याम बेनेगल की अंकुर फिल्म से करियर का आगाज किया। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। अर्थ, खंडहर और पार जैसी फिल्मों में अभिनय के लिए नेशनल अवॉर्ड जीता। इसके बाद उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में नई पहचान बनाई। एड्स के प्रति जागरुकता फैलाने में शबाना ने अहम भूमिका निभाई। वे 1997 में राज्यसभा की सदस्य मनोनीत की गई थीं।

मोदी के सोशल मीडिया कैंपेन के विरोध में #IndiaDoesNotSupportCAA पर चौबीस घंटे में साथ लाख से ज़यादा ट्वीट

मोदी के सोशल मीडिया कैंपेन के विरोध में #IndiaDoesNotSupportCAA  पर चौबीस घंटे में साथ लाख से ज़यादा ट्वीट

·         नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सीएए के समर्थन में सोशल मीडिया पर #IndiaSupportCAA कैंपेन शुरू किया था
·         इसके विरोध में सोशल मीडिया पर #IndiaDoesNotSupportCAA शुरूभारत में यह ट्विटर ट्रेंडिंग में पहले नंबर पर
·         नई दिल्लीमोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएएका समर्थन करने के लिए सोमवार को सोशल मीडिया कैम्पेन शुरू किया। इसके विरोध में ट्विटर पर #IndiaDoesNotSupportCAA कैम्पेन शुरू हो गया है। भारत में सोमवार रात से ही यह ट्विटर ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर-1 बना हुआ है। वहींदुनियाभर में चौथे स्थान पर है। मंगलवार सुबह तक 24 घंटे में #IndiaDoesNotSupportCAA हैशटैग के साथ 6 लाख से ज्यादा ट्वीट हुए।
·         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर इस कानून का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया #IndiaSupportsCAA कैंपेन लॉन्च किया। उन्होंने कहायह शरणार्थियों को नागरिकता देने का कानून है और इससे किसी की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। उन्होंने सीएए पर जग्गी वासुदेव का 22 मिनट का एक वीडियो भी शेयर किया।
सीएए को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यहां तक कि केरल में शादी से एक तस्वीर भी सामने आई हैजहां भाजपा और नागरिकता कानून का विरोध किया जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि यह अभियान प्रधानमंत्रीगृहमंत्री और अन्य सत्तारूढ़ पार्टी समर्थकों और सद्गुरु के समर्थन के बावजूद #IndiaSupportsCAA से आगे निकल गया है।

·         एक यूजर ने #IndiaDoesNotSupportCAA के साथ ट्वीट कियाआप टैक्स देते हैंलेकिन पैन नागरिकता का सबूत नहीं है। आप बायोमैट्रिक लगाते हैंलेकिन आधार नागरिकता का सूबत नहीं है। आप विदेश जाते हैंलेकिन पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं है। आप चुनाव में वोट देते हैंलेकिन वोटर आईडी भी नागरिकता का सबूत नहीं है। मैं हर तरह से सीएए के खिलाफ हूं। 
·         कुछ घंटे पहले दूसरे यूजर ने तुलना करते हुए कहा कि #IndiaDoesNotSupportCAA को लेकर 3.33 लाख ट्वीट किए जा चुके हैंजबकि अब तक सरकार के #IndiaSupportsCAA को लेकर 1.22 लाख ट्वीट किए गए हैं।