पाकिस्तान: लाहौर में भगत सिंह के नाम पर चौक
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में लाहौर के कई स्थानों के हिंदू नाम बदल दिए गए पर इस व्यस्त चौक को भगत सिंह का नाम देने के अधिकारियों के इस साहसिक फैसले को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कुछ स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत भी किया है।
अधिकारियों ने बताया कि लाहौर के शादमन चौक को अब भगत सिंह चौक के नाम से जाना जाएगा। मार्च 1931 में शहीद-ए-आजम को तत्कालीन लाहौर जेल में फांसी दी गई थी। बाद में उसी जगह पर यह चौक बना। जिला प्रशासन प्रमुख नूरूल अमीन मेंगल ने हाल ही में सिटी डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट ऑफ लाहौर (सीडीजीएल) को एक सप्ताह के भीतर चौक का नाम बदलने का निर्देश दिया था।
मेंगल ने सीडीजीएल के मुख्य प्रचार अधिकारी नदीम गिलानी को याद दिलाया, ‘आप जानते हैं कि भगत सिंह कौन थे। अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए वे इसी जगह (शादमन चौक) पर शहीद हो गए थे।’ उन्होंने यह भी कहा कि मुसलिम, सिख, ईसाई एवं हिंदू सभी पाकिस्तानियों को संविधान में बराबर अधिकार दिया गया है तथा किसी को भी इस फैसले पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
अधिकारियों को जल्द से जल्द चौराहे पर ‘भगत सिंह चौक’ लिखा हुआ बोर्ड लगाने को कहा गया है साथ ही अखबारों में इस बाबत एक सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है। गत शुक्रवार को लाहौर में भगत सिंह का 105वां जन्म दिवस मनाया गया। लाहौर से करीब 80 किमी दूर जांरावाला तहसील का पिंगा गांव भगत सिंह का पैतृक गांव है।

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